महेश शर्मा ब्लैकमेलिंग केस: समाज सेविका उषा ठाकुर गिरफ्तार, जानें- कैसे रची गई थी पूरी साजिश

आलोक व उसकी दूसरी साथी निशा की कोलकाता से गिरफ्तारी हुई और पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उषा की भूमिका स्पष्ट हो गई कि पैसे को लेकर योजना मिलकर बनाई गई थी। इसमें आलोक कुमार चेहरा था और पर्दे के पीछे उषा थीं।

By: एबीपी गंगा | Updated: 18 May 2019 04:58 PM
social worker usha thakur arrested in union minister blackmailing case

नोएडा, एबीपी गंगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने समाजसेवी उषा ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है। पुलिस का कहना है कि प्रतिनिधि चैनल के मालिक आलोक व उषा ठाकुर ने मिलकर इसकी साजिश रची थी। उषा को शुक्रवार सुबह सेक्टर-36 स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


उषा के माध्यम से मिला था आलोक


पुलिस के अनुसार, 21 अप्रैल को ब्लैकमेल करने के मामले का खुलासा हुआ था। जब प्रतिनिधि चैनल के मालिक आलोक कुमार की साथी नीशू ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर डॉ. महेश शर्मा से 2 करोड़ रुपये मांगे थे। केंद्रीय मंत्री ने इसकी सूचना एसएसपी को दी थी। इसके बाद एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने कैलाश अस्पताल जाकर नीशू को गिरफ्तार करके उषा को हिरासत में ले लिया था। हालांकि, आधी रात को उषा को छोड़ दिया गया था। नीशू की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ था कि आलोक ने उषा के माध्यम से केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की थी।


पर्दे से पीछे रचा गया खेल


इसी दौरान आलोक ने कोई वीडियो बना लिया था। इसके आधार पर वह ब्लैकमेल कर रहा था। उस वक्त भी उषा की भूमिका संदिग्ध थी, लेकिन पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं था। बाद में जब आलोक व उसकी दूसरी साथी निशा की कोलकाता से गिरफ्तारी हुई और पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उषा की भूमिका स्पष्ट हो गई कि पैसे को लेकर योजना मिलकर बनाई गई थी। इसमें आलोक कुमार चेहरा था और पर्दे के पीछे उषा थीं।



समाज सेविका हैं उषा ठाकुर


मामले में अब तक चैनल मालिक आलोक, महिला पत्रकार नीशू, निशा, उषा ठाकुर की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक पूर्व डिप्टी एसपी की भूमिका भी संदिग्ध है। मार्च में इस मामले में एक बैठक हुई थी। उसमें पूर्व डिप्टी एसपी भी शामिल थे। उन्हीं के आवास पर बैठक हुई थी। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की नातिन उषा ठाकुर शहर की प्रसिद्ध महिला समाजसेवी हैं। वह सेक्टर-36 में रहती हैं और नोएडा में  कई एनजीओ के साथ जुड़ी हुई हैं। वह तब चर्चा में आई थीं जब निठारी कांड के पीड़ितों को न्याय दिलाने में संघर्ष किया था। एसएसपी  वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला है कि उषा ठाकुर ने आलोक कुमार के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग की साजिश रची। इसके बाद उषा ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया।