मॉब लिंचिंग, एसिड अटैक के मामलों में अब तुरंत मिलेगा मुआवजा, कैबिनेट बैठक में 11 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

कैबिनेट बैठक में मंगलवार को योगी आदित्यनाथ सरकार ने 11 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी। इनमें मॉब लिंचिंग में किसी की मौत होने पर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का फैसला अहम है।

By: एबीपी गंगा | Updated: 10 Sep 2019 06:33 PM
uttar pradesh government cabinet meeting, approves compensation for mob lynching victims

लखनऊ, शैलेष अरोड़ा। मॉब लिंचिंग, रेप, एसिड अटैक जैसे मामलों में अब डीएम की संस्तुति पर 25 फीसदी अंतरिम मुआवजा तुरंत दिया जा सकेगा। ये फैसला सुप्रीम कोर्ट में 17 जुलाई 2018 को एक केस में लिए गए निर्णय के क्रम में किया गया है। अब पीड़ित या परिवार को ऐसे मामलों में मुआवजे के लिए जांच पूरी होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। योगी कैबिनेट की बैठक में 11 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।


कृषि सेवा में नौकरी के बढ़े अवसर, योग्यता से लेकर उम्र तक में राहत
कैबिनेट बैठक में यूपी अधीनस्थ कृषि सेवा नियमावली 1993 के तीसरे संशोधन को भी मंजूरी मिली। इसके तहत प्राविधिक सहायकों की योग्यता में बदलाव किया गया है। इस बदलाव के बाद अब अधिक लोग नौकरी के लिए आवेदन कर पाएंगे। पहले सिर्फ बीएससी कृषि कोर्स वाले ही इन भर्तियों के लिए आवेदन कर पाते थे। लेकिन अब उसमें बीएससी ऑनर्स कृषि, बीएससी उद्यान, बीएससी ऑनर्स उद्यान, बीएससी फॉरेस्ट्री, बीटेक, कृषि अध्यन, कृषि एवं प्रोद्योगिक विवि से बीएससी गृह विज्ञान या कम्युनिटी साइंस में 4 साल का कोर्स करने वालों को भी अवसर मिलेगा। चयन प्रक्रिया को भी बदला गया है। पहले ग्रुप C का चयन लोक सेवा आयोग से होता था जो अब यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से होगा। वहीं ग्रुप A और B में पहले अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयन होता था जो अब लोक सेवा आयोग से होगा। इतना ही नहीं पहले इसमें उम्र की सीमा 21 से 35 साल थी जिसे अब 40 साल तक कर दी गई है।



चीनी मीलों के लिए कैश क्रेडिट को मंजूरी, समाधान योजना का बढ़ाया बजट
बैठक में 23 सहकारी चीनी मिलों को 2019-20 के पेराई सत्र के लिये सहकारी बैंकों से दिए जाने वाले 3221.63 करोड़ की कैश क्रेडिट को मंजूरी देने के साथ चीनी मीलों से प्वाइंट 25 फीसदी गारंटी शुल्क के रूप में 8.05 करोड़ लेने पर मुहर लगी। सरकार ने गुड़, खंडसारी इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना को 10 फीसदी अधिक बजट के साथ तीन साल के लिए लागू करने को मंजूरी दी। पिछले 3 सालों में इस योजना से सरकार पर 31.20 करोड़ का बोझ आया था। अब बजट बढ़ने से आगामी 3 वर्षों में सरकार पर 49.09 करोड़ की बोझ आएगा।


बटाईदारों और कॉन्ट्रैक्ट फार्मर्स से भी होगी धान खरीद, 50 लाख की खरीद का लक्ष्य
सरकार इस साल बटाईदारों और कॉन्ट्रैक्ट फार्मर्स से भी धान खरीद करेगी। ये फैसला कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। खरीफ वितरण वर्ष 2019-20 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत इस साल भी 50 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। उत्पादन ज्यादा होने पर सरकार अधिक खरीद भी कर सकती है। पहले चरण में 1 अक्टूबर से 31 जनवरी 2020 तक हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़ और झांसी में धान खरीद होगी। दूसरे चरण में 1 नवंबर से 29 फरवरी 2020 तक रायबरेली, उन्नाव, चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, वाराणसी और मिर्जापुर में धान खरीद होगी। किसानों को इस बार धान बेचने के समय जोत बहीखाता नंबर, अंकित कम्प्यूटराइज्ड खतौनी, पहचान पत्र या आधार नंबर भी देना होगा। वहीं 100 कुंतल से ऊपर बिक्री के लिए किसान को सबूत देने होंगे। इस बार भी 72 घंटे में भुगतान की रकम ऑनलाइन किसान के खाते में RTGS से भेजी जाएगी।



कृषि निर्यात की पॉलिसी मंजूर, 2024 तक दोगुना निर्यात करने की तैयारी
कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बैठक में उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 को मंजूरी दी गई। सरकार के प्रवक्ता और केबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया की सरकार का लक्ष्य वर्तमान कृषि निर्यात 2524 मिलियन डॉलर यानि 17,591 करोड़ रुपये को 2024 तक दोगुना करने का है। इस नीति के तहत क्लस्टर फार्मिंग को बढ़ावा देकर निर्यात बढ़ाया जाएगा। इसमें न्यूनतम 50 हेक्टेयर का क्लस्टर होगा जिसमे किसानों का समूह खेती करेगा। क्लस्टर उत्पादन का 30 फीसदी या अधिक निर्यात होने पर 10 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इसमें पहले साल 40 फीसदी और आगामी 4 साल तक हर साल 15 फीसदी मिलेगी। इसमें प्रोसेसिंग की जो नई इकाइयां आएंगी उनको भी प्रोत्साहन मिलेगा। उत्पादन का 40 फीसदी निर्यात होने पर सालाना टर्नओवर का 10 फीसदी या 25 लाख जो भी कम होगा दिया जायेगा। ये इंसेंटिव अधिकतम 5 साल तक मिलता रहेगा। इसके अलावा प्रदेश में अगर कोई संस्थान एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट से जुड़ा कोर्स शुरू करना चाहता है तो सरकार 50 लाख तक मदद करेगी। वहीं, अगर कोई इससे जुड़ा कोर्स करता है तो फीस में 50 फीसदी छूट मिलेगी। इसके अलावा वायु मार्ग से निर्यात करने पर 10 रुपये प्रति किलो और अन्य मार्ग से निर्यात करने पर 5 रुपये प्रति किलो फ्रेट सब्सिडी दी जायेगी।



अवैध शराब की तस्करी पर नई नीति से लगेगी लगाम
शराब की तस्करी रोकने के लिए कैबिनेट में यूपी आबकारी मदिरा एवं पॉवर एल्कोहल संचालन नियमावली 2019 को भी मंजूरी दी गई। अब जिन गाड़ियों से मदिरा का ट्रांसपोर्ट होगा उनमें ई-ट्रांजिट परमिट, निगरानी के लिए GPS, फास्ट टैग सिस्टम की व्यवस्था को शामिल किया गया है। एथनॉल का इस्तेमाल पीने वाली शराब की जगह न हो इसके लिए पॉवर एल्कोहल मूवमेंट रिपोर्ट को ऑनलाइन किया जायेगा। मदिरा और पॉवर एल्कोहल की पूरी मात्रा एक बार में ही भेजी जाएगी और रास्ते में न उसे खोला जायेगा न तय रूट बदलेगा। इस नीति से अन्य राज्यों से यूपी में होने वाली शराब की तस्करी रुकने में साथ अवैध शराब की बिक्री बंद होगी। अगले साल तक 51 डिस्टलरी लग जाएंगी जिससे पॉवर एल्कोहल का उत्पादन बढ़ेगा। अब कंसाइनमेंट डेस्टिनेशन से डेस्टिनेशन ही जायेगा। बीच में नहीं उतरेगा। अब 300 किलोमीटर की दूरी के लिए बनने वाला पास एक दिन के लिए ही वैद्य होगा।


दो दिन बिना रुके चलेगा विधानसभा का विशेष सत्र
महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष पर राज्य विधानसभा मंडल के दोनों सदनों के आगामी सत्र से जुड़ा प्रस्ताव भी केबिनेट में रखा गया। ये विशेष सत्र 2 अक्टूबर सुबह 11 बजे से 3 अक्टूबर की रात तक लगातार चलेगा। इसमें गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ पेयजल पूर्ण करने की नीति समेत 17 बिंदुओं पर चर्चा होगी। मालूम हो की कुछ दिन पहले ही विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने इस विशेष सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।



जेवर एअरपोर्ट और नए बस अड्डे के लिए दी जमीन
कैबिनेट ने औरैया के दिबियापुर में बस अड्डे के निर्माण के लिए 2.374 हेक्टेयर जमीन निशुल्क देने को मंजूरी दी। ये जमीन करीब 4 करोड़ की है। वहीं, जेवर एयरपोर्ट के लिए भी जमीन देने को मंजूरी मिली। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया की एयरपोर्ट के लिए ग्राम सभा की 59.79 और सरकार की 21.36 हेक्टेयर जमीन दी जायेगी। इसके अलावा फिल्म सुपर 30 को SGST की छूट दी गई थी। कैबिनेट में उसकी प्रतिपूर्ति को मंजूरी दी गई। साथ ही लाल बहादुर शास्त्री की फिल्म ताशकंद फाइल्स में भी SGST की छूट पर चर्चा करते हुए प्रस्ताव मांगा गया।