कठुआ रेप व मर्डर केस में दोषियों को सुनाई गई सजा, अब बीएसपी मुखिया मायावती ने ट्वीट कर कह दी बड़ी बात

मायावती ने कहा कि कानून से कानून का राज कायम करने के लिए देश में हर जगह ऐसी सजा निश्चित रूप से नजीर बनेगी। अब बेहद जरूरी हो गया कि किसी भी हालत में इस तरह का कृत्य करने वाले बच न सकें।

By: एबीपी गंगा | Updated: 11 Jun 2019 04:29 PM
bsp chief mayawati reaction over court decision on kathua case

लखनऊ, एबीपी गंगा। कठुआ गैंगरेप और हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने के बाद बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने ट्वीट कर कहा कि 'माननीय कोर्ट द्वारा कठुआ की मासूम बच्ची रेप-मर्डर केस में 3 दरिन्दों को उम्रकैद व 3 अन्य को 5 साल कैद की सजा देने के बाद संभव है लोगों में कानून का कुछ डर पैदा हो और वे दरिन्दगी से बाज आयें। कानून द्वारा कानून का राज कायम करने हेतु देश में हर जगह ऐसी सजायें देना जरूरी लगता है।



नजीर बनेगी सजा


मायावती ने कहा कि कानून से कानून का राज कायम करने के लिए देश में हर जगह ऐसी सजा निश्चित रूप से नजीर बनेगी। अब बेहद जरूरी हो गया कि किसी भी हालत में इस तरह का कृत्य करने वाले बच न सकें। मायावती ने कहा कि सभ्य समाज में बच्ची व महिलाओं के साथ अपराध अक्षम्य अपराध की श्रेणी में है। इस तरह के कृत्य को अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने के बाद कुछ लोगों में भय तो जरूर व्याप्त होगा और कानून का सम्मान होगा।


दोषियों को मिली सजा


गौरतलब है कि कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड के दोषियों को सोमवार को सजा सुनाई गई थी। पठानकोट के जिला व सत्र न्यायालय ने 373 दिन की सुनवाई के बाद 380वें दिन सोमवार को आठ आरोपियों में छह को दोषी पाया। इनमें सांझी राम, दीपक खजूरिया (एसपीओ) और प्रवेश कुमार को सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के लिए उम्रकैद और करीब चार-चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एसपीओ सुरेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेडकांस्टेबल तिलक राज को सबूत मिटाने के लिए पांच-पांच साल कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।



विशाल को किया गया बरी


मुख्य आरोपित सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्र को अदालत ने बरी कर दिया। आठवां आरोपी नाबालिग होने के कारण अदालत की प्रक्रिया से बाहर रहा। दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। विशाल को घटना के दिन ही मुजफ्फरनगर (उप्र) के एक एटीएम से पैसे की निकासी के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बरी किया। जम्मू-कश्मीर में भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की जगह रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) लागू होती है, इसलिए दोषियों को आरपीसी के तहत ही सजाएं सुनाई गई हैं।