उइगर मुसलमानों के बारे में जब मासूम बन गये इमरान खान..बोले-इसके बारे में कुछ पता नहीं

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचार को लेकर कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपना पल्ला झाड़ लिया

By: एबीपी गंगा | Updated: 15 Sep 2019 09:35 PM
When Imran Khan says that do not know much about Uyghur Muslims

नई दिल्ली, एबीपी गंगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीन में रह रहे उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार को लेकर चौकानेवाला बयान दिया है। पाक पीएम ने कहा कि उनके देश में पहले से ही काफी समस्याएं हैं और मेरी प्राथमिकता में पहले मेरे देश के नागरिक हैं। यही नहीं अल जजीरा चैनल को दिये एक साक्षात्कार में उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा बल्कि इमरान खान ने कहा कि मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानता। इसी दौरान उन्होंने बात काटते हुये कहा कि मैं सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि चीन हमारा सबसे अच्छा मित्र है।


उइगर मुसलमानों पर ये था इमरान का जवाब.....


इमरान से अल जजीरा के पत्रकार ने जब सवाल किया कि, ''पाकिस्तान चीन के साथ घनिष्ठ संबंध रखता है, क्या आपने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कभी उइगर मुसलमानों के उत्पीड़न के मुद्दे पर चर्चा की है? इमरान ने कहा, 'नहीं, मैंने नहीं की है, क्योंकि इसके बारे में मुझे ज्यादा नहीं पता है।' आगे इमरान ने कहा, 'हम अभी अपनी आंतरिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, इस मुद्दे के बारे में मुझे सच में ज्यादा जानकारी नहीं है। हम एक साल से सरकार में हैं, हम अर्थव्यवस्था को सुधारने में लगे हैं और अब कश्मीर का मुद्दा है। हम कई समस्याओं से घिरे हुए हैं। लेकिन मैं चीन के लिए एक बात कहूंगा, हमारे लिए चीन सबसे अच्छा दोस्त है।'


उइगर मुसलमानों पर चीन का अत्याचार


इससे पहले चीन में उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार पर 22 देशों ने अपनी चिंता जाहिर की थी।  दरअसल, चीन के शिनजियांग प्रांत में लंबे समय से उइगर मुस्लिमों के साथ अत्याचार की खबरें आती रही हैं।



वहीं दूसरी ओर अमेरिकी अखबार ने दावा किया था कि शिनजियांग में चीन मुस्लिमों को डिटेंशन सेंटर में बंद कर रहा है और वहां धार्मिक पहचान की चीजों को भी उनसे अलग कर रहा है। इसके बाद से ही अमेरिका समेत कई देशों ने जिनपिंग सरकार के इस कदम की निंदा कर चुके हैं।



न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, 10 जुलाई को यूरोपियन यूनियन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड समेत 22 देशों ने इस पर चीन का कड़ा विरोध जताते हुए बयान जारी किया था। इसमें चीन से शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुस्लिम समुदाय को सामूहिक रूप से बंदी बनाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कहा गया था।

कौन हैं उइगर मुसलमान

इस्लाम को मानने वाले उइगर समुदाय के लोग चीन के सबसे बड़े और पश्चिमी क्षेत्र शिंजियांग प्रांत में रहते हैं। इस प्रांत की सीमा मंगोलिया और रूस सहित आठ देशों के साथ मिलती है। तुर्क मूल के उइगर मुसलमानों की इस क्षेत्र में आबादी एक करोड़ से ऊपर है।



इस क्षेत्र में उनकी आबादी बहुसंख्यक थी। लेकिन जब से इस क्षेत्र में चीनी समुदाय हान की संख्या बढ़ी है और सेना की तैनाती हुई है तब से यह स्थिति बदल गई है।