आपके घर का सपना पूरा कर सकता है पीएफ अकाउंट, जानें- कैसे उठा सकते हैं लाभ

अगर आप घर या जमीन खरीदना चाहते हैं और आपको जॉब करते हुए पांच साल पूरे हो चुके हैं तो आप कुछ शर्तों के साथ PF अकाउंट से रकम निकालने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

By: एबीपी गंगा | Updated: 11 Oct 2019 11:13 AM
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नई दिल्ली, एबीपी गंगा। अपना आशियाना हो और इसे पूरा करने का सपना हर शख्स देखता है। लेकिन, आज के वक्त में घर खरीदना आसान नहीं है। होम लोन की ऊंची ब्याज दरों और सख्त नियम-शर्तों के चलते की लोगों के सपने कभी पूरे नहीं हो पाते हैं। ऐसे में आपका पीएफ अकाउंट आपके लिए मददगार साबित हो सकता है।


कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ वह तय रकम होती है, जो प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों की सैलरी से हर महीने कटता है और एक अकाउंट में जमा होता है। श्रम मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ईपीएफ का प्रबंधन करता है। कर्मचारियों को हर महीने की सैलरी स्लिप में इसकी जानकारी भी मिलती है।


घर खरीदने में आपका पीएफ अकाउंट कैसे मददगार साबित हो सकता है ये हम आपको बताते हैं। कोई भी वेतनभोगी कर्मचारी अपने सक्रिय पीएफ अकाउंट से घर खरीदने के लिए रकम निकाल सकता है। घर के लिए पीएफ से पैसा निकालने के फिलहाल दो तरीके हैं। पहला, ईपीएफओ की हाउसिंग स्कीम के तहत कर्मचारी अपने फंड से निर्धारित रकम निकाले। दूसरा, पीएफ अकांउट से प्लॉट या घर खरीदने के लिए आंशिक निकासी कर सकते हैं।


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केंद्र सरकार ने ईपीएफ एक्‍ट, 1952 में संशोधन किया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के मेंबर्स के लिए हाउसिंग स्कीम से जुड़ा यह प्रावधान 12 अप्रैल 2017 से लागू हो गया है। इससे ईपीएफओ के लगभग 6 करोड़ मेंबर्स को फायदा ले सकते हैं। कर्मचारी घर खरीदने या घर बनाने के लिए प्‍लाट खरीदने के लिए अपने पीएफ फंड से 90 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं। इसके अलावा वह पीएफ के मंथली कंट्रीब्‍यूशन का इस्तेमाल होम लोन की ईएमआई चुकाने के लिए भी कर सकते हैं।


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ईपीएफओ सदस्य को हाउसिंग स्कीम का फायदा उठाने के लिए 10 सदस्यीय कोऑपरेटिव या हाउसिंग के लिए बनाई गई सोसायटी का सदस्य बनना होगा। खास बात है कि सोसायटी का सदस्य बने बिना मेंबर इस स्कीम का फायदा नहीं उठा पाएंगे। हाउसिंग स्कीम के तहत पीएफ से पैसा निकालने के लिए ईपीएफओ सदस्य का तीन साल से ईपीएफ में कंट्रीब्यूशन होना जरूरी है। यदि कर्मचारी को तीन साल से कम पीएफ में योगदान है तो वह इस स्कीम के तहत पीएफ से पैसा नहीं निकाल पाएगा।


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सदस्य इस स्कीम का फायदा एक बार ही उठा सकता है, इसमें एक शर्त यह भी है कि अगर किसी के पीएफ अकाउंट में 20 हजार रुपये से कम है तो वह इस स्कीम के तहत पैसा नहीं निकाल सकेगा।


पीएफ अकाउंट आपके होम लोन की ईएमआई चुकाने में भी मददगार साबित हो सकता है। ईपीएफओ होम लोन री-पेमेंट स्कीम के तहत मेंबर अपने पीएफ अकाउंट से होम लोन की मंथली ईएमआई चुका सकेंगे। साथ ही अगर किसी की सदस्य की ईपीएफओ के साथ सदस्यता खत्म हो जाती है और उसके पीएफ अकाउंट में मंथली ईएमआई देने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है तो सरकार यह ईएमआई चुकाने के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।



ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के अनुसार, सदस्‍य बिना हाउसिंग सोसायटी स्‍कीम के भी प्‍लाट खरीदकर घर बनवाने या बिल्‍डर से सीधे घर या फ्लैट खरीदने के लिए पीएफ फंड से पैसा निकाल सकता है। ईपीएफओ मेम्‍बर ईपीएफ की आंशिक निकासी व्‍यवस्‍था के तहत यह लाभ ले सकता है। इसके तहत, किसी बिल्डर से घर खरीदने के लिए यदि आप पीएफ अकाउंट से पैसा निकाल रहे हैं, तो कम से कम आपकी ईपीएफओ सदस्यता 5 साल होनी चाहिए। इसका मतलब यह कि अगर आप घर या जमीन खरीदना चाहते हैं और आपको जॉब करते हुए पांच साल पूरे हो चुके हैं तो आप कुछ शर्तों के साथ PF अकाउंट से रकम निकालने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।


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प्लॉट खरीदने के लिए आप मासिक वेतन से 24 गुना तक और घर खरीदने/बनाने के लिए मासिक वेतन का 36 गुना तक रकम निकाल सकते हैं। इस मामले में आप अपने और नियोक्ता दोनों के योगदान और ब्याज की रकम भी निकाल सकते हैं। हालांकि, इस तरह घर खरीदने के लिए हाउसिंग स्कीम का सदस्य होना जरूरी नहीं है।