Lok Sabha Election 2019, लोकसभा चुनाव 2019
Lok Sabha Election 2019, लोकसभा चुनाव 2019

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पहला विश्व अवॉर्ड आचार्य बालकृष्ण के नाम, संयुक्त राष्ट्र करेगा सम्मानित

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पहला विश्व अवॉर्ड आचार्य बालकृष्ण को 25 मई को मिलेगा। ये अवॉर्ड विश्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है।

By: एबीपी गंगा | Updated: 16 May 2019 08:13 AM
patanjali acharya balkrishna will be honored by UN baba ramdev said world know the power of Ayurveda

हरिद्वार, एबीपी गंगा। योग गुरु बाबा राम देव की पतंजलि योग पीठ को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा संचालित एक संस्था ने दुनिया की 10 सबसे प्रभावशाली संस्थाओं में चुना है, जो विश्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। इसके साथ ही पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण को यूएनओ का यह यूनिवर्सल हेल्थ केयर अवॉर्ड 25 मई को जेनेवा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। यह अवॉर्ड डबल्यूएचओ और यूनेस्को सहित दुनिया की 4 संस्थाओं सहित पांचवी संस्था पतंजलि को दिया जा रहा है।


सबसे पहले स्पीकर होंगे आचार्य बालकृष्ण


इस कार्यक्रम में पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण को समारोह को संबोधित करने वालो में पहले नंबर पर रखा गया है। इस समारोह में दुनियाभर के 50 देशों के 500 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे। जिनमें देशों के प्रमुख, स्वास्थ्य मंत्री, नीति निर्माताओं, उद्योग और सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष और सीईओ सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी और वैज्ञानिक शामिल होंगे।


बाबा रामदेव ने जताई खुशी



यूएनओ की संस्था यूनाइटिड नेशन सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल द्वारा विश्व के 10 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की श्रेणी में स्थान दिए जाने पर योग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि दुनिया में यह पहली बार अवॉर्ड दिया जा रहा है। इस संस्था द्वारा पहले पेज पर आचार्य बालकृष्ण को जगह दी गई है और सबसे महत्वपूर्ण भी लेक्चर आचार्य बालकृष्ण का रखा गया है। 19 स्पीकर की लिस्ट उनके द्वारा दे दी गई है और उसमें सबसे पहला आचार्य बालकृष्ण को उन्होंने अपना स्पीकर बनाया है। इस कार्यक्रम में स्विट्जरलैंड जिनेवा में 25 मई को 50 देशों के प्रतिभागी जो 500 की अधिक संख्या में आ रहे हैं। बाबा रामदेव ने कहा ये हमारे देश के लिए सम्मान की बात है।


संपर्ण भारतवर्ष के लिए गर्व की बात : आचार्य बालकृष्ण



सम्मान मिलने पर अचार्य बालकृष्ण का कहना है कि यूएन ने भी मान लिया है कि योग और आयुर्वेद स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। उन्होंने इस बात को भी माना है कि पतंजलि द्वारा जो कार्य किया जा रहा है वह प्रभावशाली है। यह सम्मान योग और आयुर्वेद के लिए गर्व करने की बात है। संपूर्ण देशवासी जो भारतीय संस्कृति और भारतीय परंपरा पर विश्वास रखते हैं, उनके लिए गर्व की बात है। आचार्य बालकृष्ण का कहना है की यूएनओ द्वारा आगामी 25 मई 2019 को जेनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित यू.एन.एस.डी.जी. हेल्थ समिट में उन्हें प्रथम स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया गया है।


समिट में 50 देशों के 500 प्रतिभागी भाग लेंगे


यह आयोजन वर्ल्ड हेल्थ फोरम द्वारा किया जा रहा है और इसका लक्ष्य वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास को मंच प्रदान करना है। जिससे प्राइमरी हेल्थ केयर, नॉन कम्युनिकेबल डिजीज कंट्रोल और डिजिटल हेल्थ को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर अभिनव स्वास्थ्य वित्तपोषण प्रदान किया जा सके उनका कहना है कि इस समिट में 50 देशों से लगभग 500 प्रतिभागी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में देशों के प्रमुख, स्वास्थ्य मंत्री, नीति निर्माता, उद्योग और सिविल सोसाइटीज के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों समेत विश्व स्वास्थ्य संगठन के शीर्ष अधिकारी तथा विख्यात वैज्ञानिक शामिल होंगे।


इस सम्मान के लिए पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के अलावा दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन W.H.O. के महानिदेशक, यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक, चीन के एक वैज्ञानिक और यूरोप के एक संगठन को चुना गया है इसको लेकर पतंजलि योगपीठ में भी खुशी की लहर है।