ठग्गू के लड्डू और बदनाम कुल्फी है इस शहर की पहचान, स्वाद और महक से भरी हैं यहां की गलियां

चटपटी चाट हो, खस्‍ता कचौडी हो  या फिर ठग्‍गू के लड्डू। कानपुर में न तो टेस्टी फूड के अड्डों की कमी है और न ही यहां आकर चटखारे लगाकर इनका स्‍वाद लेने वालों की।

By: एबीपी गंगा | Updated: 15 Jun 2019 10:50 AM
Best and delicious dishes of Kanpur

कानपुर: यूपी का सबसे पॉपुलर शहर कानपुर अपने आप में काफी खास है। एक वक्त था जब इसे एशिया का मेनचेस्टर भी कहा जाता था। कानपुर भारत का ऐसा एकमात्र शहर था, जहां सबसे ज्यादा कपड़ा उत्पादन होता था। यहां हमेशा व्यापारियों और पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता था। पर्यटकों के लिए शहर में खाने को बहुत कुछ था जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। तो चलिए हम भी चलते हैं स्वाद और महक से भरी गलियों में और मजा लेते हैं स्वादिष्ट व्यंजनों का।


जपो निरंतर जय सिया राम


आप अगर कानपुर में देर रात एक या दो बजे भी पहुंचते हैं तो खाने को लेकर आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। ट्रेन  से उतरिए और सीधे पहुंच जाइए घंटाघर चौक। यही वो जगह है जहां आपको घर जैसा खाना मिलेगा। यहां जपो निरंतर जय सिया राम नाम का होटल चौबीसो घंटे खुला रहता है। ये जगह लगभग 30 साल पुरानी है और यहां की खास बात यह है कि यहां घर जैसे खाने का स्वाद ढाबे की फील के साथ आता है। खाने के बाद यहां जो खीर मिलती है न उसके बारे में बता पाना मुश्किल है, खीर खाने के लिए तो आपको यहीं आना पड़ेगा।


पंडित्स


शस्त्री नगर में स्थित पंडित्स रेस्टोरेंट को किसी इन्ट्रोडक्शन की जरूरत नहीं है। इस खास रस्टोरेंट के बारे में पूरा कानपुर जानता है। ये जगह पूरी तरह से राजस्थानी थीम पर बेस्ड है। यहां आप खाने के साथ राजस्थानी म्यूजिक का भी आनंद ले सकते हैं वो भी लाइव। पंडित्स रेस्टोरेंट की खास बात ये है कि यहां साल के हर दिन प्योर शाकाहारी भोजन ही मिलता है। इस भोजन की शुद्धता का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि यहां बनने वाले खाने में लहसुन और प्याज का भा प्रयोग नहीं किया जाता है।


बनारसी मिष्ठान भंडार


बिरहाना रोड पर स्थित बनारसी मिष्ठान भंडार अपनी मिठास के लिए फेमस है। यहां बने मोतीचूर के लड्डू और केसर बर्फी का स्वाद चखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां मिठाई बनाने में शुद्ध घी का प्रयोग किया जाता और यकीन मानिए ये मिठाइयां मुंह में जाने के बाद खुद-ब-खुद घुल जाती हैं। खास बात ये है कि पिछले 60 सालों में बनारसी मिष्ठान भंडार कभी अपनी क्वालिटी से कंप्रोमाइज नहीं किया है।


ठग्गू के लड्डू


कानपुर के बड़े चौराहे स्थित ठग्गू के लड्डू के दीवाने बॉलीवुड के शहंशाह भी हैं। खोया, देशी घी, मेवे से भरपूर लड्डू कानपुर आने वाले हर शख्स की पहली पसंद होता है। पिछले करीब 50 सालों से ज्यादा समय से कानपुर के लोगों को अपने स्पेशल स्वाद का कायल बनाए हुए हैं ठग्गू के लड्डू। खास बात ये है कि यहां मिलने वाली कुल्फी बदनाम है। अब कुल्फी क्यों बदनाम है ये तो आपको यहीं आकर पता चलेगा।


द चाट


चटपटी चाट का नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है। कानपुर में हैं और चाट नहीं खाई तो बात अधूरी रह जाएगी। चाट खाने के लिए आपको चार चौराहा, स्वरूप नगर मोती झील के पास आना पड़ेगा क्योंकि यहां सिर्फ चाट ही नहीं बल्कि चाट की पूरी बास्किट ही मिल जाएगी। चाट का स्वाद ऐसा की खाते ही बोल पड़ेंगे....उउउउ उम्दा।


साहू की कचौड़ी और गोपाल के खस्ते


चाट की बात हो और कचौड़ी की न हो ऐसा भला कैसे हो सकता है। सुबह का नाश्ता करना हो ते साहू कचौड़ी से बेहतर भला क्या हो सकता है। स्पेशल मसाला भरी कचौड़ी और छोले की चटपटी सब्जी के साथ सलाद...ये टेस्ट में बेस्ट है। स्पेशल कचौड़ी के बाद खस्ते का भी मजा ले ही लीजिए। नरौना चौराहे पर स्थित गोपाल के स्पेशल भरवां खस्तों की तो बात ही कुछ और है। छोटे-छोटे खस्तों में चटपटे आलू भरकर जब परोसा जाता है तो यकीन मानिए मजा ही आ जाता है।


अल-हुदा फूड सेंटर


नॉनवेज के लिए फेसम ये शॉप कितनी पुरानी है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां कबाब पराठों के लिए भीड़ तब से लगती आ रही है जब यहां एक रुपए के 10 पराठे मिलते थे। परेड चौराहे पर स्थित अल-हुदा फूड सेंटर की शहर में अपनी अलग पहचान है और यहां आपको टेस्टी खाने के हाथ की कारीगरी भी देखने को मिलेगी।


चुंग फा


अरे जनाब कन्फ्यूज न हों आप कानपुर में ही हैं। मॉल रोड चौराहे पर स्थित चुंग फा सबसे पुराने चाइनीज रेस्टोंरेंट में से एक है। अगर आप चाइनीज खाने के शौकीन हौं तो यहां आप फ्राइड प्रॉन्स का भी मजा ले सकते हैं और नूडल्स के मामले में तो चुंग फा का कोई जवाब ही नहीं है। खाने को लेकर कभी अलग टेस्ट लेने के मन करे तो आप चुंग फा की तरफ भी रुख सकते हैं।


बनारसी टी स्टॉल


कानपुर आने वाले ने शख्स ने अगर बनारसी टी स्टॉल की स्पेशल चाय की चुस्कियां नहीं लीं तो फिर कुछ नहीं किया। जी हां, मोतीझील चौराहे पर 1952 में खुली बनारसी टी स्टॉल पर दिनभर में 5000 से ज्यादा स्पेशल चाय की बिक्री होती है। चाय में पका हुआ लाल दूध, स्पेशल चाय मसाला और दानेदार चाय की पत्ती का यूज होता है। खास बात ये है कि अगर कभी दुकान बंद रहती है तो कस्टमर घर आकर चाय पिलाने को कहते हैं। है न कनपुरिया स्टाइल।


चटपटी चाट हो, खस्‍ता कचौडी हो  या फिर ठग्‍गू के लड्डू। कानपुर में न तो टेस्टी फूड के अड्डों की कमी है और न ही यहां आकर चटखारे लगाकर इनका स्‍वाद लेने वालों की। तो जब भी आपको कानपुर जाने का मौका मिले तो हमारी बताई हुई जगहों पर जरूर जाएं और मजे से खाएं टेस्ट फूड।