चुनाव में करारी हार से नाराज मुलायम ने सैफई में बुलाई बैठक, शिवपाल की वापसी पर फैसला संभव

मुलायम सिंह यादव ने सैफई में एक मीटिंग बुलाई है जिसमें शामिल होने के लिए सपा के तमाम बड़े नेता सैफई पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि शिवपाल सिंह भी इस मीटिंग में शामिल हो सकते हैं।

By: एबीपी गंगा | Updated: 06 Jun 2019 06:54 PM
shivpal singh yadav may rejoin samajwadi party after meeting with mulayam and akhilesh yadav

इटावा, एबीपी गंगा। लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद सपा-बसपा-रालोद का गठबंधन टूट चुका है। मायावती और अखिलेश के रास्ते अलग-अलग हो चुके हैं। मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन छोड़ने का एलान किया तो वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा कि कई बार प्रयोग असफल भी हो जाते हैं। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अलग-अलग मैदान में उतरेंगे। इस बीच खबर है कि मुलायम सिंह यादव ने सपा के तमाम बड़े नेताओं को सैफई बुलाया है और शिवपाल सिंह भी इस मीटिंग में शामिल हो सकते हैं।


सवालों से बचते नजर आए शिवपाल


बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव ने सैफई में एक मीटिंग बुलाई है जिसमें शामिल होने के लिए सपा के तमाम बड़े नेता सैफई पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि शिवपाल सिंह भी इस मीटिंग में शामिल हो सकते हैं और उनकी सपा में वापसी को लेकर इसमें फैसला हो सकता है। शिवपाल सिंह यादव से जब इस बारे में पूछा गया तो वो सवालों से बचते नजर आए। शिवपाल ने न तो किसी संभावना से इंन्कार किया और न ही इस बात की पुष्टि की कि वो मीटिंग में शामिल होंगे।



डिंपल भी हार गईं चुनाव


2014 के लोकसभा में समाजवादी पार्टी ने 5 सीटें जीती थीं और 2019 में बीएसपी से गठबंधन के बाद अखिलेश यादव उत्साह से लबरेज थे। उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी शानदार कामयाबी हासिल करेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका और सपा एक बार फिर 5 सीटों पर ही सिमट गई। इससे भी खराब ये रहा कि अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव गईं। यही नहीं बदायूं से उनके रिश्ते के भाई धर्मेंद्र यादव भी चुनाव हार गए. इनके अलावा फिरोजाबाद लोकसभा सीट से रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव भी चुनाव हार गए।



कलह का हुआ नुकसान


शिवपाल सिंह यादव ने सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली थी। ऐसा माना जाता है कि मुलायम सिंह यादव शिवपाल सिंह को पसंद करते हैं लेकिन रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच कुछ खास जमती नहीं है। पार्टी में जिस वक्त दो फाड़ होने की बात चल रही थी उस वक्त रामगोपाल यादव अखिलेश के साथ खड़े दिख रहे थे और आखिरकार शिवपाल सिंह को पार्टी छोड़ कर नया संगठन बनाना पड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में इसका असर भी दिखा और सपा को भितरघात का सामना करना पड़ा।