मंत्री, विधायकों समेत 22 पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, जानें- सात साल पहले आखिर हुआ क्या था

सात साल पुराने मामले में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, पूर्व सांसद बलराज पासी व तीन विधायकों समेत 22 लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है।

By: एबीपी गंगा | Updated: 08 Oct 2019 12:12 PM
police may arrest 22 including ministers and MLAs in kashipur

काशीपुर, एबीपी गंगा। जसपुर कोतवाली में दर्ज किये गए सात साल पुराने मामले में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, पूर्व सांसद बलराज पासी व तीन विधायकों समेत 22 लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। जसपुर पुलिस ने इन 22 वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया है।


बता दें कि वर्ष 2012 में समुदाय विशेष का एक युवक दूसरे समुदाय की युवती को लेकर फरार हो गया था। युवती की बरामदगी को लेकर तमाम संगठनों ने प्रदर्शन किया था। सूबे के शिक्षा मंत्री व गदरपुर से भाजपा विधायक अरविन्द पांडेय, तत्कालीन भाजपा नेता व वर्तमान में जसपुर से कांग्रेस विधायक आदेश चौहान, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, काशीपुर से भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा और नैनीताल सीट के पूर्व सांसद बलराज पासी समेत कई लोगों ने प्रदर्शन कर सुभाष चौक के करीब हाई-वे को कई घंटों के लिए जाम कर दिया था।


तत्कालीन एएसपी अब (डीआईजी कुमाऊं) जगतराम जोशी ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया था। साथ ही पुलिस ने हाइ-वे जाम करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गत माह प्रदेश सरकार ने यह मुकदमा वापस लेने का निर्णय किया था। कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया लेकिन अदालत ने इसे खारिज करते हुये मंत्री-विधायकों समेत 22 आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिये थे।


अपर पुलिस अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र ने बताया कि वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि जसपुर कोतवाली में एसआई मनोज जोशी, जीएस अधिकारी, बंसत पंत, देवेंद्र राजपूत, धीरेंद्र परिहार, रविंद्र बिष्ट को वारंटियों की तलाश और गिरफ्तारी का निर्देश दिया है।