एक हफ्ते तक ठेकेदारों ने मजदूरों को बनाया बंधक, महिलाओं पर थी बुरी नजर, बच्चों को नहीं दिया खाना 

मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार उन्हें कश्मीर ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। वहीं, महिला मजदूरों पर उनकी बुरी नजर थी।

By: एबीपी गंगा | Updated: 26 May 2019 06:04 PM
Contractor made mortgages to women and children in bareilly

बरेली, एबीपी गंगा। कश्मीर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए बुलाए गए मजदूरों को परिवार समेत ठेकेदार ने बंधक बना लिया। कई दिनों तक भूखा-प्यास रखा। कुछ महिला मजदूर किसी तरह उसके चंगुल छूटकर थाने पहुंचीं और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अन्य मजदूरों व उनके बच्चों को आजाद कराया। साथ ही दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कर रही है।


मजदूरी का बहाना


हाथरस के मथुरा रोड के मोहल्ला ओढ़पुरा निवासी अशोक कुमार, उनकी पत्नी भारती देवी, अमित चंद्र, अमित की पत्नी राजकुमारी, सर्वेश कुमार, चंद्रपाल की पत्नी चंद्रवती ईंट भट्ठों पर मेहनत मजदूरी करते हैं। इन सभी को नबावगंज कस्बा के मोहल्ला इस्लाम नगर के नालापार निवासी इरफान, मोहम्मद रिजवान व ग्राम बरखन निवासी अब्दुल शाहिद ने 15 दिन पहले कश्मीर में ईंट भट्टे पर मजदूरी करने के बहाने बुलाया था।


बना लिया बंधक


ठेकेदार ने यहां उन्हें किसी अनजान स्थान पर रखा गया। बाद में सात दिन पहले अपने घर ले जाकर बंधक बना लिया। शनिवार को भारती देवी व राजकुमारी जैसे-तैसे खुद को छुड़ाकर थाने पहुंचीं और पुलिस को जानकारी दी। जिसपर चौकी इंचार्ज जयपाल सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर दबिश दी और अन्य मजदूरों को आजाद कराया।


बेचने की थी योजना


मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार उन्हें कश्मीर ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। वहीं, महिला मजदूरों पर उनकी बुरी नजर थी। पुलिस ने दो ठेकेदारों को हिरासत में ले लिया है। मामले में थाना नवाबगंज में तहरीर दी गई है। कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।



बच्चों को खाना तक नहीं दिया


ठेकेदारों ने मजदूरों को एक हफ्ते से घर में बंधक बनाकर रखा था। कई दिनों से उन्हें खाना भी नहीं दिया था। जिससे बच्चे भूख से तड़प रहे थे। उन्हें आजाद कराने के बाद पुलिस ने उन्हें खाने-पीने का सामान भी दिया।