शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने उठाए EVM पर सवाल, राहुल- ममता के समर्थन में उतरे

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जय श्री राम के नारे को लेकर ममता बनर्जी के समर्थन में उतरे हैं। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी का भी समर्थन किया है। राम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार का घेराव किया है। साथ ही EVM पर भी सवाल खड़े किए हैं।

By: एबीपी गंगा | Updated: 04 Jun 2019 04:12 PM
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हरिद्वार, एबीपी गंगा। राम का नाम हिंदू धर्म को मानने वाले सभी हिंदुओं के जन्म से लेकर मृत्यु तक उसके साथ ही रहता है, मगर जिस तरीके से राम के नाम पर पश्चिम बंगाल में राजनीति हो रही है। उसने राम के नाम को भी धूमिल कर दिया है। ये बात शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कही। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के समर्थन में उतरे शंकराचार्य का कहना है कि ममता बनर्जी को राम के नाम पर दिक्कत नहीं है, बल्कि जय श्रीराम के नारे से दिक्कत है। जिसका भाजपा ने राजनीतिकरण कर दिया है। इसके साथ ही, राम मंदिर को लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।


जय श्री राम के नारे को लेकर बीजेपी को घेरा 

स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि बंगाल में भाजपा ने जय श्री राम को अपना नारा बनाकर उसका राजनीतिकरण किया है, इसलिए ममता बनर्जी जय श्री राम से चिढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता भी मुस्लिम परस्त हो गई हैं और वहां पर उनके मुस्लिम परस्त होने और बांग्लादेश के लोगों को बढ़ावा देना, मोहर्रम जैसे मुस्लिम पर्वों पर दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने से ममता की करारी हार हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने से ही ममता के प्रति हिंदुओं के दिलों में खार पैदा हुई, जो उनकी हार का कारण बनी।



'राम मंदिर के नाम पर देश को धोखा दे रही है BJP'


स्वरूपानंद ने आरोप लगाया कि भाजपा राम मंदिर के नाम पर देश को धोखा दे रही ही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा साजिश रच रही है कि मुख्य जन्मभूमि के आसपास अन्यंत्र स्थान पर राम मंदिर के नाम पर मंदिर बना दिया जाए। इसे हिन्दू समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर सत्ता में आई भाजपा का कर्तव्य है कि वह मंदिर निर्माण पूरा करे। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाली कोई सरकार मंदिर निर्माण नहीं कर सकती है, क्योंकि संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द लिखा हुआ है।



मोदी कौन हैं.....


शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी कौन है, मोदी तो तब है जब मोदी गौमांस निर्यात पर प्रतिबंध लगाए, महंगाई, भ्रष्टाचार खत्म करें, आतंकवाद पर रोक लगे। धारा 370 हटे, तो मोदी हैं... नहीं तो मोदी के होने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा मांग की कि कश्मीर से धारा 370 समाप्त की जाए और कश्मीरी पंडितों की वापसी करवाई  जाए, तभी कश्मीर  फिर से स्वर्ग बन पाएगा।



शंकराचार्य ने भी EVM पर उठाए सवाल 

वहीं, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने भी कांग्रेस की करारी हार के लिए ईवीएम मशीनों को ही दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मोदी को प्रचंड बहुमत मिला है, उससे संदेह पैदा हो रहा है कि ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि जब बार-बार ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव की मांग की जा रही है, तो उसे बार-बार क्यों ठुकराया जा रहा है।



'राहुल हिंदू हैं, इसलिए हिंदुस्तान के नागरिक हैं'

साथ ही, स्वामी स्वरूपानंद ने राहुल की विदेशी नागरिकता को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल हिन्दू हैं और हिन्दू धर्म को मानते हैं, इसलिए हिंदुस्तान के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि अगर राहुल ब्रिटेन के नागरिक हैं, तो चुनाव में उनका नामांकन खारिज क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन का पहले कई देशों पर राज था और जिन-जिन देशों पर ब्रिटेन का राज था, उन देशों में पैदा होने वाले को ब्रिटेन का नागरिक भी माना जाता था। इस वजह से ब्रिटेन ने भी उन्हें अपना नागरिक माना हो। मगर अब ब्रिटेन ने अपने इस कानून में बदलाव कर दिया है।


राहुल के इस्तीफे की पेशकश पर कहा 

उन्होंने राहुल गांधी द्वारा अध्यक्ष पद से इस्तीफे देने की पेशकश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें बार-बार सुनना पड़ता है कि एक ही परिवार यानी गांधी परिवार से अध्यक्ष क्यों, इसीलिए राहुल कह रहे हैं कि अगर कोई दूसरा सक्षम व्यक्ति अध्यक्ष पद के लिए मिलता है, तो उसे चुन लो। उन्होंने सवाल उठाया कि गांधी परिवार में पैदा होना अगर अयोग्यता है, तो राहुल की कोई दूसरी अयोग्यता बताएं। उन्होंने कहा कि क्या राहुल ने देश से गद्दारी की है, क्या किसी से रिश्वत ली है, अगर ऐसी कोई दूसरी अयोग्यता है तो बताएं।