रामपुर में चुनावी रैली में भावुक आजम ने पूछा- आखिर मेरी खता क्या है?

रामपुर में अपनी पत्नी के लिए चुनावी रैली को संबोधित कर रहे सांसद आजम खान भावुक हो गए। अपने ऊपर दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए आजम ने ये सवाल पूछा कि आखिर मेरी खता क्या है।

By: एबीपी गंगा | Updated: 13 Oct 2019 07:34 AM
Rampur MP Azam Khan gets emotional during election rally
रामपुर, एबीपी गंगा। एसआईटी की जांच झेल रहे सपा सांसद आजम खान का चुनावी रैली में अपने ऊपर लगे मुकदमों का दुख बयां करते नजर आ रहे हैं। रामपुर विधानसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी और अपनी पत्नी तंजीम फातिमा के लिए चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आजम खान अपने दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए भावुक हो गए और ये पूछने लगे आखिर मेरी खता क्या है?


दरअसल, किसानों द्वारा आजम खान पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि जौहर यूनिवर्सिटी में जमीन पर आजम खान द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। आजम खान पर यूनिवर्सिटी मामले के अलावा भी अन्य कई मामले दर्ज है। फिलहाल, उन्होंने कोर्ट का सहारा लेकर अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया है और अब वो रामपुर में अपनी पत्नी तंजीम फातिमा के लिए चुनाव प्रचार की प्रक्रिया में जुट गए हैं। आजम रोजाना जलसों के माध्यम से जनता से रूबरू हो रहे हैं और पूर्व में अपने साथ घटित प्रकरण की चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं।


चुनाव प्रचार के दौरान भावुक होते हुए शायराना अंदाज में आजम ने कहा, 'आखिर मेरी खता क्या है? सिर्फ इतनी कि मैंने तुम्हारे बच्चों के हाथ में कलम दी। मेरी आवाज को कमजोर मत होने दीजिएगा। आजम खान ने मंच से बोलते हुए संसद के सफर को बयां किया। उन्होंने कहा कि जिंदगी का इतना लंबा सफर गुजारने के बाद तुम्हारा यह साथी एक किलो वजन बढ़ाकर नहीं, बल्कि 22 किलो वजन घटाकर आज तुम्हारे सामने खड़ा है। बस यही तो मिला आपसे। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खुशियों के कितने पहाड़ टूटे, यही तो मिला आपसे और यही मांगने तो मैं आता हूं। आप मजाक बनाओ मेरा, मेरे ऊपर हंसों, कहो एक ढोंगी आता है, एक मदारी आता है रोज आंसू बहाता है और चला जाता है लेकिन वह 22 किलो वजन घटाकर आता है।


अपने ऊपर दर्ज मुकदमों की बात करते हुए आजम ने कहा कि जिसे आप अपना आइडियल मानते हो, वो चोर है, डाकू है। यह बताओ क्या इस एहसास को लेकर कोई खुद्दार इंसान जिंदा रह सकता है। मैं जिंदा हूं, इसलिए क्योंकि मैं अपराधी हूं, मुजरिम हूं, क्योंकि मैं आपका वकील हूं मैं आपकी खुशियां चाहता हूं। उन्होंने आगे कहा कि कि चाहें तीन तलाक का मसला हो, अयोध्या रामचंद्र भूमि हो, शरीयत हो, मैंने बस यही तो कहा यह हमारा ज्यादती मामला है। अदालत के फैसले का इंतजार करो आपस में फसाते मत करो। यही लड़ाई तो थी आपकी वही तो लड़ी मैंने उसी की तो सजा है।


आजम का जयाप्रदा पर निशाना

वहीं, आजम खान ने जयाप्रदा पर निशाना साधते हुए उनका बगैर नाम लिए कहा कि क्यों हार गया वो, जिसने यहां पर दौलत के अंबार लगा दिए। वह कहां गया। गैरत दार हो तो तुमने इस शख्स को क्यों जीता दिया। यह है शिकायत जमाने को तुम्हारी गैरत का इम्तिहान आ गया। तुम गैरत के इम्तिहान में पास हो गए इसलिए जमाना तुमसे नाराज हो गया।