CM योगी का निर्देश, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करें बोर्ड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार देर शाम पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास बोर्ड की अहम बैठक बुलाई। दोनों इलाकों के लिए बनाए गए विकास बोर्ड की यह पहली बैठक बुलाई गई थी।

By: एबीपी गंगा | Updated: 10 Jul 2019 08:30 AM
CM Yogi adityanath takes bundelkhand and purvanchal vikas board meeting

लखनऊ, एबीपी गंगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास बोर्ड की पहली बैठक में दोनों बोर्डों को अपने-अपने क्षेत्रों के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को देरशाम लोकभवन में दोनों बोर्डों की अलग-अलग हुई समीक्षा बैठक में योगी ने कहा कि पूर्वांचल विकास बोर्ड हर मंडल में और बुंदेलखंड विकास बोर्ड हर जिले में तीन-तीन महीने में बैठक करें और वहां की अपेक्षाओं को समझे। उन्होंने कहा कि इसी के आधार पर कार्ययोजना और सुझाव शासन को भेजे जाएं। इतना ही नहीं, उन्होंने बोर्ड से सदस्यों को सरकारी योजनाओं की जमीनी पड़ताल करने को भी कहा है।


बता दें कि पूर्वांचल के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा बनाई गई 13 सदस्य पूर्वांचल विकास बोर्ड की मंगलवार देर रात पहली बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे थे। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में पूर्वांचल में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा परिवहन और बिजली की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने पर गहनता से विचार किया गया। पूर्वांचल के पिछड़े इलाकों में कैसे मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाया जाए, किन उद्योग धंधों के जरिए पूर्वांचल की 10 करोड़ की जनता का जीवन बेहतर होगा। ऐसे तमाम बिंदुओं पर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्यों के साथ हुई बैठक में चर्चा की।





इस बैठक में बोर्ड के अलावा मुख्य सचिव स्वास्थ्य परिवहन बिजली विभाग के प्रमुख सचिव भी मौजूद थे। बैठक के बाद बोर्ड के उपाध्यक्ष ने माना की बैठक सार्थक थी और जल्द बोर्ड की बैठक मंडलीय स्तर पर की जाएगी, ताकि मंडल स्तर से पूर्वांचल विकास बोर्ड के द्वारा शुरू की गई विकास योजनाओं पर तेजी से काम हो और निगरानी रखी जा सके।


पूर्वांचल विकास बोर्ड के बाद मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड विकास बोर्ड की भी बैठक की। सात सदस्यीय बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष कुंवर मानवेंद्र सिंह के अलावा राजा बुंदेला भी इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड के सदस्यों से इलाके के विकास के लिए कैसे काम किया जाए, बुंदेलखंड में पानी की समस्या को कैसे खत्म किया जाए। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को कैसे और बेहतर बनाया जाए...इनसब पर चर्चा हुई और मुख्यमंत्री ने इन सभी मुद्दों पर बोर्ड से विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार के सामने पेश करने को भी कहा।


बैठक में मुख्यमंत्री ने गौशाला निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। बुंदेलखंड में खनन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए खनन उद्योग को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही, कहा कि हर तीन माह पर ‘बुंदेलखंड विकास बोर्ड’ की बैठक आयोजित की जाए और उसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए।


बुंदेलखंड और पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक के दौरान ही मुख्यमंत्री ने लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में मांगी जांच रिपोर्ट पर परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला के साथ-साथ डीजीपी ओपी सिंह को भी तलब किया। हादसे में जांच रिपोर्ट को देखने के बाद सरकार लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे की यात्रा सुरक्षित बनाने और एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक थानों को जल्द खोले जाने के निर्देश दिए।