अमेठी: राहुल के अस्पताल और मोदी के कार्ड में रेफरी बने डीएम, स्वास्थ्य विभाग ने मांगी रिपोर्ट

अमेठी में आयुष्मान कार्ड धारक मरीज की मौत के मामले में सियासत गर्म है। इस बीच केंद्र और राज्य सरकार ने इस मामले में अमेठी के जिलाधिकारी को रेफरी की भूमिका दे दी है। उनसे पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है।

By: एबीपी गंगा | Updated: 07 May 2019 10:46 AM
Central and state government summoned report from amethi DM in Ayushman card holder patient death case

अमेठी, एबीपी गंगा।  बीजेपी की उपलब्धियों में शामिल आयुष्मान योजना अब उसके लिए कांग्रेस पर हमले का हथियार बन गई है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी (कांग्रेस के ट्रस्ट) के अस्पताल में मरीज को इसीलिए इलाज नहीं मिला, क्योंकि उसके पास मोदी (आयुष्मान योजना) का कार्ड था। केंद्र और राज्य सरकार ने इस मामले में अमेठी के जिलाधिकारी को रेफरी की भूमिका दे दी है। उनसे पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है।


आयुष्मान योजना कार्ड, बीजेपी Vs कांग्रेस


सोमवार को जब अमेठी में लोकसभा चुनाव का मतदान हो रहा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अमेठी की भाजपा प्रत्याशी स्मृति इरानी तक इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमलावर थे। यह मामला पिछले दिनों तब सामने आया था, जब अमेठी में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी से मिले एक युवक अरुण मिश्रा ने उन्हें बताया कि आयुष्मान योजना की पात्रता होने के बावजूद इलाज न मिलने से उसके चाचा नन्हेलाल मिश्रा की 26 अप्रैल को मौत हो गई।


कांग्रेस पर आक्रामक बीजेपी 


स्मृति ने इस युवक का करीब दो मिनट का वीडियो भी ट्विटर पर पोस्ट किया, जिसमें वह बता रहा है कि आयुष्मान योजना का कार्ड और चाचा को लेकर जब वह संजय गांधी अस्पताल पहुंचा तो वहां मौजूद डॉ.सिद्धार्थ ने कहा कि यह कांग्रेस और राहुल गांधी का अस्पताल है, योगी और मोदी का नहीं। यहां आयुष्मान कार्ड नहीं चलेगा। इसी के बाद भाजपा जहां आक्रामक हो गई।


प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने जिलाधिकारी से मांगी रिपोर्ट 


वहीं, कांग्रेस के बचाव में सामने आए संजय गांधी अस्पताल के निदेशक डॉ.एसएम चौधरी ने दावा किया कि उनके अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत दो सौ मरीजों का इलाज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड न होने के कारण उसे इलाज नहीं मिल पाया था। हालांकि प्रधानमंत्री द्वारा मामला उठाए जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और देश भर में आयुष्मान योजना का संचालन करने वाली नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ इंदुभूषण ने इसका संज्ञान लिया। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी अमेठी के जिलाधिकारी राममनोहर मिश्र से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है।