17वीं लोकसभा के लिए प्रोटेम स्पीकर होंगे संतोष गंगवार, नवनिर्वाचित सांसदों को दिलवाएंगे शपथ

बरेली लोकसभा सीट से सांसद व बीजेपी के वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार को प्रोटेम स्पीकर होंगे, जो नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलवाएंगे। गंगावार बरेली लोकसभा सीट से जीतकर आठवीं बार संसद पहुंचे हैं।

By: एबीपी गंगा | Updated: 30 May 2019 12:34 PM
BJP MP Santosh gangwar elected as protem speaker for 17th lok sabha

नई दिल्ली, एबीपी गंगा। 17वीं लोकसभा के लिए उत्तर प्रदेश की बरेली लोकसभा सीट से सांसद व बीजेपी के वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। गंगवार नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलवाएंगे। संतोष गंगवार आठवीं बार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं। संतोष गंगवार बरेली से सांसद हैं। पिछली सरकार में  वे राज्यमंत्री थे।


क्या होता है प्रोटेम स्पीकर 


प्रोटेम स्पीकर भारतीय संसदीय कार्यप्रणाली में सबसे कम समय के लिए लेकिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण पद होता है। प्रोटेम एक लैटिन फ्रेज शब्द है जिसका अर्थ होता है 'कुछ समय के लिए' यानि अस्थायी। प्रोटेम स्पीकर का निर्वाचन महज कुछ घण्टों के लिए होता है। प्रोटेम स्पीकर अस्थायी स्पीकर होता है जो चुनाव के बाद पहली बैठक की अध्यक्षता करता है। स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चयन संसद के सदस्यों द्वारा किया जाता है जो प्रोटेम स्पीकर के तहत होता है। प्रोटेम स्पीकर को सदन के संचालन के लिए चुना जाता है, जब लोकसभा और विधानसभाओं का चुनाव किया गया हो और स्पीकर व डिप्टी स्पीकर के लिए वोटिंग नहीं हुई हो। एक प्रोटेम स्पीकर को लोकसभा और विधान सभा के सदस्यों के समझौते के साथ चुना जाता है।आमतौर पर, सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को उस पद के लिए चुना जाता है, जो तब स्थायी स्पीकर चुने जाने तक गतिविधियों को करता है।


प्रोटेम स्पीकर का मुख्य कर्तव्य सदन के नए सदस्यों को पद की शपथ दिलाना है। वह सदन को नए अध्यक्ष का चुनाव करने में सक्षम बनाता है। एक बार जब नया स्पीकर चुना लिया जाता है और फ्लोर टेस्ट संपन्न हो जाता है, तब प्रोटेम स्पीकर का वजूद खत्म हो जाता है।


संसदीय व्यवस्था में प्रोटेम स्पीकर का महत्व उस समय बढ़ जाता है जब किसी कारणवश ( जैसे असामयिक मृत्यु, त्यागपत्र इत्यादि ) स्पीकर और डिप्टी स्पीकर दोनों पद खाली हो जाता है। ऐसी स्थिति में सदन चलाने की जिम्मेदारी प्रोटेम स्पीकर की होती है। ऐसी स्थिति पहले लोकसभा के दौरान आयी थी जब 27 फरवरी 1956 को लोकसभा के पहले स्पीकर जीवी मावलंकर की असामयिक मौत हो गयी थी।


कौन है संतोष गंगवार


1989 में बीजेपी के संतोष गंगवार बरेली सीट से जीतकर सांसद बने। गंगवार बरेली लोकसभा सीट से रिकॉर्ड बनाते हुए छह बार लगातार सांसद रहे। 2009 में यह क्रम टूटा, जब कांग्रेस के प्रवीन सिंह ऐरन ने संतोष गंगवार का विजयरथ रोका। 2014 में गंगवार ने फिर खुद को साबित किया और सातवीं बार जीत दर्ज की। 2019 में उन्हें बरेली सीट से आठवीं बार जीत दर्ज की है।